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कानपुर विश्वविद्यालय के दीनदयाल शोध केंद्र में दीक्षारंभ समारोह आयोजित, पद्मश्री डॉ. अनिल कुमार सिन्हा ने शोधार्थियों को किया संबोधित भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़कर शोध करने का दिया संदेश, तीन नए पाठ्यक्रमों का शुभारंभ
- दैनिक लोक भारती
- 08 Jul, 2026
कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (कानपुर विश्वविद्यालय) परिसर स्थित दीनदयाल शोध केंद्र में सत्र 2026-27 के लिए दीक्षारंभ समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पद्मश्री डॉ. अनिल कुमार सिन्हा ने शोधार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा, राष्ट्र निर्माण और समाजोन्मुखी शोध के महत्व पर विस्तार से संबोधित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर शोधार्थियों का स्वागत किया गया तथा भारतीय संस्कृति और एकात्म मानववाद पर आधारित प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को विशेष स्वरूप प्रदान किया।
अपने संबोधन में डॉ. अनिल कुमार सिन्हा ने शोधार्थियों से कहा कि शोध केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज, गांव, खेत-खलिहानों और जनजीवन की वास्तविक समस्याओं से जुड़कर किया जाना चाहिए। उन्होंने भारतीय भाषाओं और भारतीय चिंतन को शोध का आधार बनाने पर भी जोर दिया।
उन्होंने शोधार्थियों को धैर्य, अनुशासन और निरंतर अध्ययन का संदेश देते हुए कहा कि सार्थक शोध राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शोध से जोड़ने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
इस अवसर पर दीनदयाल शोध केंद्र की ओर से ज्योतिषशास्त्र, वास्तुशास्त्र और कर्मकांड विषयों में तीन नए सर्टिफिकेट एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रमों का शुभारंभ भी किया गया। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य भारतीय पारंपरिक ज्ञान को नई पीढ़ी तक व्यवस्थित रूप से पहुंचाना बताया गया।
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कानपुर विश्वविद्यालय: दीक्षारंभ समारोह में मुख्य अतिथि अनिल कुमार सिन्हा ने दिए सफलता के मंत्र |
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